जब किस्मत साथ नहीं देती, तो छोटी-सी बात भी दिल पर भारी लगती है। यहाँ खराब किस्मत, नसीब और तकदीर पर 110+ 2 Line Shayari का संग्रह है।
खराब किस्मत शायरी
किस्मत ने मेरी मंज़िल रोक दी,
फिर भी दिल ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा।
किस्मत ने मेरी खुशी रोक दी,
जो मिला नहीं, उसकी कमी दिल में रह गई।
किस्मत ने मेरा सपना रोक दिया,
हर अधूरे ख़्वाब ने कुछ नया सिखाया।
किस्मत ने मेरा चैन रोक दिया,
टूटे भरोसे ने हमें मजबूत बनाना सिखाया।
किस्मत ने मेरी मोहब्बत रोक दी,
अपनों की दूरी ने खामोशी समझा दी।
किस्मत ने मेरी मुलाक़ात रोक दी,
एक मुलाक़ात की चाह उम्र भर साथ रही।
किस्मत ने मेरा साथ रोक दिया,
वो साथ न मिला, मगर यादें रह गईं।
किस्मत ने मेरी चाहत रोक दी,
चाहत अधूरी रही, एहसास पूरा था।
किस्मत ने मेरी उम्मीद रोक दी,
उम्मीद कम थी, मगर दिल हारना नहीं चाहता था।
किस्मत ने मेरी याद रोक दी,
यादें गईं नहीं, बस आँखों से छुप गईं।
किस्मत ने मेरा सुकून रोक दिया,
सुकून मिला नहीं, तो शायरी बन गई।

किस्मत ने मेरा रिश्ता रोक दिया,
रिश्ते बदले, मगर दिल का प्यार नहीं बदला।
किस्मत ने मेरा अपना रोक दिया,
अपना समझा था, इसलिए दर्द ज्यादा हुआ।
किस्मत ने मेरी दुआ रोक दी,
दुआ कबूल न हुई, फिर भी हाथ उठते रहे।
किस्मत ने मेरा वादा रोक दिया,
वादा निभा न सके, मगर इंतज़ार सच्चा था।
किस्मत ने मेरा रास्ता रोक दिया,
रास्ते बदले, मंज़िल की चाह नहीं बदली।
किस्मत ने मेरा ख़्वाब रोक दिया,
ख़्वाब टूटे, मगर हौसला बाकी रहा।
किस्मत ने मेरी बात रोक दी,
दिल की बात कही, जवाब किस्मत पर छोड़ दिया।
किस्मत ने सही इंसान रोक दिया,
एक इंसान ने पूरी कहानी बदल दी।
किस्मत ने मेरी हँसी रोक दी,
हँसी के पीछे छिपा दर्द कोई पढ़ न सका।
किस्मत ने मेरा पल रोक दिया,
वो पल लौटे नहीं, मगर याद रह गए।
किस्मत ने मेरी रात रोक दी,
रात लंबी थी, फिर भी सुबह का इंतज़ार रहा।
किस्मत ने मेरी सुबह रोक दी,
पुराने ज़ख्म आज भी मौसम बदलते हैं।

खराब किस्मत शायरी 2 लाइन
नसीब ने मेरा ज़ख्म छीन लिया,
भरोसा टूटा, मगर दिल पत्थर नहीं बना।
नसीब ने मेरा भरोसा छीन लिया,
सहारा मिला नहीं, तो खुद का हाथ थाम लिया।
नसीब ने मेरा सहारा छीन लिया,
प्यार मिला कम, मगर यादें बहुत मिलीं।
नसीब ने मेरा प्यार छीन लिया,
कहानी अधूरी थी, इसलिए दिल में बस गई।
नसीब ने मेरी कहानी छीन ली,
जवाब नहीं मिला, तो खामोशी समझ ली।
नसीब ने मेरा जवाब छीन लिया,
दिल का राज छुपाया, फिर भी आँखें बोल गईं।
नसीब ने मेरा राज छीन लिया,
मुस्कान रखी, ताकि दर्द किसी को दिखे नहीं।
नसीब ने मेरी मुस्कान छीन ली,
आँखों ने सच कहा, होंठों ने सब सह लिया।
नसीब ने मेरी आँखें छीन लीं,
दिल ने चाहा बहुत, किस्मत ने रोका बहुत।
नसीब ने मेरा दिल छीन लिया,
खुशबू जैसी यादें दूर होकर भी पास रहीं।

नसीब ने मेरी खुशबू छीन ली,
मौसम बदला, मगर तन्हाई नहीं बदली।
नसीब ने मेरा मौसम छीन लिया,
सफ़र अकेला था, फिर भी कदम चलते रहे।
नसीब ने मेरा सफ़र छीन लिया,
किनारा नहीं मिला, फिर भी लहरों से लड़ते रहे।
नसीब ने मेरा किनारा छीन लिया,
हर खुशी देर से मिली, फिर भी दिल ने इंतज़ार किया।
नसीब ने मेरा अरमान छीन लिया,
जो अपना था, वही सबसे ज्यादा याद आया।
नसीब ने मेरा ख़त छीन लिया,
लिखे हुए शब्द रहे, मगर मिलने वाला दूर हो गया।
नसीब ने मेरी आस छीन ली,
फिर भी दिल ने हार मानना नहीं सीखा।
नसीब ने मेरा विश्वास छीन लिया,
टूटा हुआ दिल भी किसी को दुआ देता रहा।
नसीब ने मेरे कदम रोक दिए,
मगर मेरी चाहत ने रास्ता ढूँढ लिया।
नसीब ने मेरी खुशियाँ रोक दीं,
मैंने छोटी-सी मुस्कान में बड़ा सुकून खोज लिया।
नसीब ने अपनों का साथ छीन लिया,
तन्हाई ने हमें खुद से मिलना सिखा दिया।

किस्मत का खेल शायरी
तकदीर ने मेरी उम्मीद अधूरी रखी,
फिर भी मैंने हर सुबह नई आस रखी।
तकदीर ने मेरी चाहत अधूरी रखी,
दिल ने मगर मोहब्बत सच्ची रखी।
तकदीर ने मेरा रिश्ता अधूरा रखा,
यादों ने उस रिश्ते को आज भी ज़िंदा रखा।
तकदीर ने मेरी दुआ अधूरी रखी,
हाथों ने फिर भी दुआ करना नहीं छोड़ा।
तकदीर ने मेरा वादा अधूरा रखा,
दिल ने अपना इरादा फिर भी नहीं बदला।
तकदीर ने मेरा रास्ता बदल दिया,
मैंने उसी मोड़ को अपनी सीख बना लिया।
तकदीर ने मेरे ख़्वाब तोड़ दिए,
हौसले ने फिर नए ख़्वाब जोड़ दिए।
तकदीर ने मेरी बात अनसुनी की,
खामोशी ने दिल की पूरी कहानी सुनी।
तकदीर ने सही इंसान दूर किया,
उसकी याद ने दिल को मजबूर किया।
तकदीर ने मेरी हँसी कम कर दी,
मगर मुस्कुराने की वजहें खत्म नहीं कीं।

तकदीर ने मेरा पल छीन लिया,
उस पल की याद ने मुझे उम्र भर थाम लिया।
तकदीर ने मेरी रात लंबी की,
सुबह ने फिर भी उम्मीद की किरण दी।
तकदीर ने मेरा सुकून छीन लिया,
शायरी ने मेरे दर्द को शब्द दे दिए।
तकदीर ने मेरा भरोसा तोड़ा,
मैंने खुद पर विश्वास करना सीख लिया।
तकदीर ने मेरा सहारा छीन लिया,
मैंने अपने हौसले को अपना साथी बना लिया।
तकदीर ने मेरा प्यार अधूरा किया,
उस अधूरेपन ने दिल को और गहरा किया।
तकदीर ने मेरी कहानी मोड़ दी,
मैंने हर मोड़ पर खुद को संभाल लिया।
तकदीर ने जवाब नहीं दिया,
मैंने खामोशी को ही अपना जवाब मान लिया।
तकदीर ने दूरियाँ बढ़ा दीं,
यादों ने फिर भी नज़दीकियाँ बचा लीं।
तकदीर ने मुझे तन्हाई दी,
तन्हाई ने मेरी पहचान मुझसे कराई।

किस्मत ने उड़ाया मज़ाक शायरी
बदकिस्मती ने मेरी खुशी छीन ली,
फिर भी दिल ने मुस्कुराने की वजह खोज ली।
बदकिस्मती ने मेरी मोहब्बत दूर की,
यादों ने उसकी कमी पूरी की।
बदकिस्मती ने मेरा साथ छोड़ा,
हौसले ने मेरा हाथ थाम लिया।
बदकिस्मती ने मेरी चाहत रोकी,
दिल ने फिर भी उम्मीद की राह देखी।
बदकिस्मती ने मेरा सुकून छीना,
दर्द ने मुझे अपने शब्दों से जीना सिखाया।
बदकिस्मती ने मेरा भरोसा तोड़ा,
मैंने खुद को फिर से जोड़ना सीखा।
बदकिस्मती ने मेरी राह बदली,
मैंने उसी राह पर अपनी मंज़िल ढूँढ ली।
बदकिस्मती ने मेरा ख़्वाब छीना,
आँखों ने फिर भी सपना देखना नहीं छोड़ा।
बदकिस्मती ने मेरी हँसी कम की,
मगर मेरे होंठों ने उम्मीद नहीं छोड़ी।
बदकिस्मती ने मेरा पल छीना,
उसकी याद ने हर दिन मुझे घेरा।

बदकिस्मती ने मेरी रात बढ़ाई,
सुबह ने फिर भी उम्मीद जगाई।
बदकिस्मती ने मेरा ज़ख्म दिया,
वक़्त ने धीरे-धीरे उसका दर्द कम किया।
बदकिस्मती ने मेरा भरोसा छीना,
मैंने खुद को अपना सहारा बना लिया।
बदकिस्मती ने मेरा प्यार दूर किया,
दिल ने उसकी यादों को पास रखा।
बदकिस्मती ने कहानी अधूरी छोड़ी,
यादों ने उसकी आखिरी पंक्ति लिख दी।
बदकिस्मती ने जवाब छीन लिया,
खामोशी ने मेरे सवालों को समझ लिया।
बदकिस्मती ने मेरा राज छुपाया,
आँखों ने फिर भी सब कुछ बता दिया।
बदकिस्मती ने मुस्कान चुराई,
दिल ने दर्द में भी शायरी बनाई।
बदकिस्मती ने आँखें नम कीं,
यादों ने फिर भी दिल को गर्म रखा।
बदकिस्मती ने मेरा दिल दुखाया,
फिर भी मैंने किसी के लिए बुरा नहीं चाहा।

वक़्त ने रूठी किस्मत को समझाया,
हर दर्द के बाद जीना सिखाया।
वक़्त ने बदला मौसम दिखाया,
हर मौसम ने एक नया सबक सिखाया।
वक़्त ने छूटा साथ दिखाया,
तन्हाई ने खुद का साथ निभाया।
वक़्त ने दूरियाँ बढ़ाईं,
यादों ने नज़दीकियाँ बचाईं।
वक़्त ने मायूसी दी,
उम्मीद की किरण ने राह दिखा दी।
वक़्त ने उम्मीद जगाई,
नई सुबह ने मुस्कान लौटाई।
वक़्त ने जीने की वजह बदली,
दिल ने फिर अपनी कहानी लिखी।
वक़्त ने दिल का सुकून परखा,
मैंने हर हाल में खुद को संभाला।
वक़्त ने किस्मत की लकीर बदली,
मेहनत ने फिर अपनी जगह बना ली।
वक़्त ने नसीब का पन्ना पलटा,
दर्द के पीछे एक नया रास्ता निकला।

वक़्त ने तकदीर का मोड़ बदला,
मैंने हर मोड़ पर खुद को मजबूत पाया।
वक़्त ने जीवन का सफ़र बदला,
कुछ लोग गए, कुछ सबक साथ रहे।
वक़्त ने मन की चाह बदली,
अब दिल को सुकून ज्यादा प्यारा है।
वक़्त ने रिश्तों की गर्माहट परखी,
सच्चे रिश्ते फिर भी पास रहे।
वक़्त ने एक मौका छीन लिया,
दूसरे मौके ने जीने का हौसला दिया।
वक़्त ने आखिरी उम्मीद जगाई,
दिल ने फिर से मुस्कुराने की ठानी।
वक़्त ने पुराना दर्द कम किया,
नई सुबह ने दिल को नया रंग दिया।
वक़्त ने छुपा दर्द सामने लाया,
सच ने फिर मन को हल्का बनाया।
वक़्त ने रुका कदम चलाया,
हौसले ने मंज़िल तक पहुँचाया।
वक़्त ने मौन दुआ कबूल की,
बस उसकी राह थोड़ी देर से खुली।

वक़्त ने अनकहा प्यार समझाया,
कभी दूरी भी रिश्तों की कीमत बताती है।
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Last Word:-
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